भारतीय त्यौहार चित्र चार्ट दिवाली कब है 2019
दिवाली पर इस बार एक बड़ी खगोलीय घटना होने जा रही है। इस बार चार दिन में आठ पर्व पड़ रहे हैं। ऐसा पूरे पांच दशक बाद होने वाला है। खास बात यह है कि छोटी और बड़ी दीवाली के पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं। 27 अक्टूबर को देवी लक्ष्मी की पूजा का महापर्व दीपावली है।
इस साल दीपावली पर तिथियों से संबंधित कुछ विशेष योग बन रहे हैं। दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है. इस दिन घर में लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है. मां लक्ष्मी की पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं.मां को प्रसन्न करने के लिए कई दिन पहले से तैयारी शुरू हो जात ..
दीपावली से जुड़ी मान्यता है
कि देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। इस मंथन में ही कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इसके बाद भगवान विष्णु ने लक्ष्मी का वरण किया था। इसलिए हर साल कार्तिक अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन किया जाता है।
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यह है मान्यता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम चौदह साल के वनवास के बाद कार्तिक माह की अमावस्या के दिन अयोध्या लौटे, तब उनके आगमन की खुशी में नगरवासियों ने घरों में घी के दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। अयोध्यावासियों का मानना था
कि श्रीराम के आगमन से ही उनकी नगरी फिर बसी है। इसी को देखते हुए लोगों में घरौंदा बनाकर उसे सजाने का प्रचलन हुआ। इसे प्रतीकात्मक तौर पर नए नगर के बसने के रूप में देखा जाता है। माना जाता है
कि घर की सारी नकरात्मकताओं को दूर करके फिर से घरौंदा बसता है। दिवाली कब है 2019 : लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त और दिवाली पूजन विधि दिवाली कब है 2019 : दीवाली के त्योहार को असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। दीवाली के दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के साथ -साथ भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है।
आप यह नहीं जानते कि दिवाली 2019 में कब है क्या है दिवाली का शुभ मुहूर्त और क्या है दिवाली की पूजा विधि अगर आप इसके बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे...
दिवाली पूजा विधि {लक्ष्मी पूजन विधि}
1. दिवाली के दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
2. दिवाली की शाम को एक साफ चौकी बिछांए। इसके बाद इस पर गंगा जल छिड़काव करें।
3. भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के साथ कुबेर और श्री यंत्र भी स्थापित करें।
4. पूजा स्थान पर एक जल से भरा तांबे का कलश रखें अगर आपके पास तांबे का कलश नहीं है तो आप साधारण कलश भी रख सकते हैं।
5. इसके बाद कलश पर रोली से सतिया बना लें और श्रीं लिखें इसके बाद मोली की 5 गांठे बांध दें।
6. इसके बाद आम के पत्ते बांध दे और पुजा स्थल पर पंच मेवा, गुड़ फूल , मिठाई,घी , कमल का फूल ,खील बातसें आदि भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के आगे रखें।
7. मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्याधिक प्रिय है इसलिए मां लक्ष्मी के दोनों और एक- एक कमल का फूल रखें।
8. इसके बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के आगे पांच घी और पांच तेल के दीपक और तेल का बड़ा दीपक जलाएं। और विधिवत पूजन करें ।
9. भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा के बाद कुबेर जी की पूजा भी अवश्य करें।
10. इसके बाद अपने गहनों ,पैसों और बहीखातों की भी पूजा करते हैं। जिससे आपकी संपन्नता लगातार बढ़ती रहे।
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दिवाली- रविवार, 27 अक्टूबर
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
18:44 से 20:15 तक
प्रदोष काल- 17:40 से 20:14 तक
वृषभ काल- 18:44 से 20:39 तक
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